18.1 C
New Delhi
November 30, 2021
National Trending

कोविड-19 की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत के लिए अच्‍छी खबर, निकल गया पीक, लेकिन खतरा बरकरार

निकल गया कोरोना की दूसरी लहर का पीक

भारत में फरवरी 2021 से कोरोना के नए मामलों में जो तेजी दिखाई दी थी वो अब थमती दिखाई दे रही है। इस आधार पर विशेषज्ञ मान रहे हैं कि कोरोना की दूसरी लहर का सर्वोच्‍च स्‍तर आकर अब जा चुका है।

नई दिल्‍ली । कोविड-19 की दूसरी लहर का सामना कर रहे भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। लगातार चार दिनों तक भारत में कोरोना के 4 लाख से अधिक नए मामले सामने आने के बाद अब दो दिनों से इसमें गिरावट दर्ज की जा रही है। इस महामारी से जूझ रहे देशवासियों के लिए ये एक अच्‍छा संकेत है। आपको बता दें कि स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के मुताबिक देश में बीते 24 घंटों के दौरान 3,48,421 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। इस आधार पर विशेषज्ञ भी इस बात को कह रहे हैं कि देश में कोरोना की दूसरी लहर का पीक अब निकल चुका है। आपको बता दें कि देश में फरवरी में कोरोना के मरीजों की संख्‍या में तेजी आनी शुरू हुई थी। 

सफदरजंग अस्‍पताल के कम्‍यूनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉक्‍टर जुगल कुशर के मुताबिक देश में दूसरी लहर का पीक या उच्‍चतम स्‍तर अब खत्‍म हो चुका है। उनका कहना है कि अब मामलों में धीरे-धीरे ही सही गिरावट दर्ज की जाएगी। हालांकि उन्‍होंने ये भी कहा है कि राष्‍ट्रीय स्‍तर पर दूसरी लहर का पीक जरूर खत्‍म हो चुका है लेकिन राज्‍य के स्‍तर पर अभी ये पूरी तरह से समाप्‍त नहीं हुआ है। उनके मुताबिक कुछ राज्‍यों में इस दूसरी लहर का पीक जहां आ चुका है वहीं कुछ ऐसे भी राज्‍य हैं जहां अब भी इसका आना बाकी है। लेकिन राष्‍ट्रीय स्‍तर पर ये कहा जा सकता है कि ये दौर अब निकल चुका है, हालांकि खतरा अभी तक टला नहीं है।

तीसरी लहर आने की संभावना के बाबत पूछे गए सवाल के जवाब में डॉक्‍टर जुगल किशोर का कहना है कि कोई भी लहर वायरस के बदलते स्‍वरूप पर निर्भर करती है। यदि वायरस का म्‍यूटेशन लगातार जारी रहता है तो इसके आने की संभावना बनी रहती है। वहीं इसकी एक दूसरी वजह ये भी बनती है कि जिन लोगों में अभी इम्‍यूनिटी बनी है यदि वो कुछ समय के बाद खत्‍म हो जाती है तो भी इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि ऐसी स्थिति में वायरस का बदलता स्‍वरूप इन लोगों को दोबारा चपेट में ले सकता है। उनका कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश में करीब 50 फीसद आबादी की चपेट में आई है।

हालांकि पहली और दूसरी लहर के बाद भी कुछ लोग ऐसे हैं जो इसकी चपेट से बाहर रहे हैं। ऐसे में तीसरी लहर में उनके भी दायरे में आने की संभावना अधिक है। इसके अलावा नवजात बच्‍चे भी इसकी एक आसान पहुंच होते हैं। डॉक्‍टर किशोर के मुताबिक तीसरी लहर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन इसको रोका भी जा सकता है। इसके लिए हमें तेजी से लोगों का वैक्‍सीनेशन करना होगा। अधिक से अधिक वैक्‍सीनेशन होने की सूरत में वायरस का खतरनाक रूप इससे बदल जाएगा और हम इस पर लगाम लगाने में सफल हो जाएंगे। कम्‍यूनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर डॉक्‍टर जुगल किशोर का ये भी कहना है कि तीसरी लहर को रोकने के लिए लोगों को ज्‍यादा चौकस और सजग रहना होगा।

Related posts

आंध्र प्रदेश: खदान विस्फोट में मारे गए मजदूरों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की सहायता का एलान

Umang Singh

AmbedkarJayanti 2021: संविधान निर्माता बाबासाहेब अंबेडकर की 130वीं जयंती, PM मोदी समेत कई नेताओं ने किया याद

Umang Singh

Weather Forcast: पहाड़ों पर हिमपात और मैदान में बारिश के आसार, जानिए मौसम का ताजा हाल

Umang Singh

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- प्राइवेट व्हीकल भी पब्लिक प्लेस होता है, इसलिए कार में अकेले सफर करने वालों को भी मास्क पहनना जरूरी

admin

ऑक्‍सीजन की आपूर्ति के लिए सरकार ने लिए गए ये बड़े फैसले

Umang Singh

रूसी वैक्सीन Sputnik V की दूसरी खेप पहुंची हैदराबाद

Umang Singh

Leave a Comment

Live Corona Update

Live updates on covid cases