27.1 C
New Delhi
June 21, 2021
Trending

फेडरल स्टडी का दावा , कोरोना वैक्सीन लगवाने से 94% कम होती है अस्पताल में भर्ती होने की संभावना

फेडरल स्टडी (Federal Study) में इस बात का दावा किया गया है कि कोरोनोवायरस महामारी से लड़ने के लिए Pfizer-BioNTech और Moderna  टीके, जो दिए जा रहे हैं, वे वृद्ध वयस्कों को अस्पताल में भर्ती होने से रोकने में अत्यधिक प्रभावी हैं.

UK set to approve Pfizer-BioNTech Covid vaccine within days | Financial  Times

स्टडी में दावा, कोरोना वैक्सीन लगवाने से अस्पताल जाने की संभावना 94% होती है कम.नई दिल्ली: 

कोरोनावायरस से दुनियाभर में तबाही का मंज़र देखने को मिला. ऐसे में दुनियाभर में कोरोनावायरस से बचाव के लिए लोगों को वैक्सीन देने का काम तेजी से चल रहा है. वैक्सीन लगवाने के बाद कोविड-19 से संक्रमितों में हॉस्पिटल में भर्ती होने और मौत का खतरा कम हो जाता है. बुधवार को जारी फेडरल स्टडी (Federal Study) में इस बात का दावा किया गया है कि कोरोनोवायरस महामारी से लड़ने के लिए Pfizer-BioNTech और Moderna  टीके, जो दिए जा रहे हैं, वे वृद्ध वयस्कों को अस्पताल में भर्ती होने से रोकने में अत्यधिक प्रभावी हैं, जिनमें बीमारी होने और मौत का खतरा अधिक होता है. 

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने कहा, आश्चर्य की बात नहीं है, परिणाम आश्वस्त कर रहे हैं, क्योंकि वे अमेरिका में रियल-वर्ल्ड ऐविडेंस देते हैं कि दोनों टीके कोविड-19 की गंभीर बीमारी को रोकते हैं, जैसा उन्होंने क्लिनिकल ट्रायल में किया था.

CDC के अनुसार, स्टडी में पाया गया कि पूरी तरह से टीकाकरण किए गए 65 और उससे अधिक उम्र के लोगों में कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती  होने की संभावना उन लोगों के तुलना में 94 फीसदी कम थी, जिनको टीका नहीं लगा है. वहीं, जिन लोगों को आंशिक रूप से टीका लगाया गया था, उनमें टीका न लगवाने वालों की तुलना में अस्पताल में भर्ती होने की संभावना 64% कम देखी गई. 

गंभीर बीमारी का जोखिम उम्र के साथ बढ़ता है, और ज्यादा उम्र वाले लोगों में बीमारी का अधिक खतरा होता है, इसलिए सीडीसी ने उन्हें टीकाकरण के लिए प्राथमिकता दी. 

सीडीसी और अन्य ग्रुपों द्वारा किए गए कोरोनोवायरस टीकों के एनालिसिस में वास्तविक जीवन की स्थितियों में कोरोनोवायरस टीकों की प्रभावशीलता का आकलन किया गया है. 

यूके में बुधवार को जारी एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि Pfizer-BioNTech या Oxford-AstraZeneca  वैक्सीन की एक खुराक से कोरोनोवायरस का ट्रांसमिशन लगभग 50% तक कम हो सकता है.पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के शोधकर्ताओं ने कहा कि टीकाकरण के लगभग दो सप्ताह बाद सुरक्षा देखी गई.

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के अध्ययन में पाया गया है कि वैक्सीन की एक खुराक प्राप्त करने के तीन सप्ताह बाद कोरोनोवायरस से संक्रमित होने वाले लोग, वैक्सीन न लेने वाले लोगों की तुलना में अपने कॉन्टैक्ट में आए लोगों में 38 से 49% कोरोना के इंफेक्शन को कम ट्रांसफर कर रहे थे. यह अध्ययन 24,000 परिवारों के 57,000 लोगों पर किया गया, जिन्हें टीकाकरण वाले व्यक्ति के संपर्क में माना गया था. 

अमेरिका में, सीडीसी के निदेशक रोशेल वालेंस्की ने अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन के बाद मिलने वाली सुरक्षा पर एजेंसी के निष्कर्षों का स्वागत किया. 

उन्होंने एक बयान में कहा, “परिणाम हमारे समुदायों और अस्पतालों के लिए आशाजनक हैं.”

Related posts

सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड की रद परीक्षा के लिए मूल्‍यांकन नीति का किया एलान, जानें कैसे मिलेंगे अंक

Umang Singh

कच्चे तेल में गिरावट का असर नहीं, आज भी नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम

Umang Singh

Covaxin का दिल्ली सरकार को वैक्सीन देने से इनकार, मनीष सिसोदिया बोले- बंद करने पड़े 100 सेंटर

Umang Singh

केंद्रीय बलों का घेराव करो… ममता बनर्जी की सलाह ने लोगों को CISF पर हमले के लिए उकसाया: अमित शाह

admin

कोरोना के कैशलेस इलाज से मना नहीं कर सकेंगे हॉस्पिटल; मना किया तो क्या करें आप, एक्सपर्ट से जानिए जवाब

Umang Singh

भारत में कोविड-19 की तीसरी लहर: : एक और घातक लहर के लिए रहना होगा तैयार

Umang Singh

Leave a Comment

Live Corona Update

Live updates on covid cases